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Motivational Story In Hindi| दिल को छू जाने वाली एक व्यक्ति की कहानी

Hindi Story। Motivational Story In Hindi:
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MOTIVATIONAL STORY- भोपाल के एक छोटे से गांव में एक बहुत ही धनी व्यक्ति रहता था। उसके चार संतान थे जिसमें तीन बेटे और एक बेटी थी जिसकी शादी हो चुकी थी और वह अपने ससुराल जा चुकी थी। लेकिन उसके जो तीन बेटे थे वह हमेशा पिताजी को यह साबित करने में जुटे थे की वह उन्हें सबसे ज्यादा प्यार करते हैं इसलिए वह उनके वारिस का असली हकदार है। पिताजी तीनों के बातों को रोज सुनते थे उनके बड़े-बड़े वादों को सुनकर हंसते थे लेकिन कभी कुछ नहीं बोलते थे।

एक दिन अचानक से पिताजी की मौत हो जाती है। अर्थी दरवाजे पर थी अर्थी को श्मशान घाट तक ले जाने की तैयारी हो ही रही थी कि तभी एक आदमी आकर चिल्ला चिल्ला कर कहता है कि मैं यह अर्थी लेने नहीं दूंगा। उसके बाद सब लोग हैरान हो गए और पूछे ऐसा क्यों कह रही हो। तब उस आदमी ने कहा इस मारे हूए आदमी ने मुझसे 15 लाख उधार लिए थे इसलिए मुझे पहले पैसे लेने है उसके बाद जा कर मैं इस आदमी की अर्थी उठाने दूंगा।

उसके बाद उसके तीनों बेटे गुस्से से तिलमिला उठी और कहे कि नहीं नहीं हमें हमारे पिताजी ने कभी इस तरह के किसी कर्ज के बारे में कुछ नहीं बताया है तो हम कैसे यह कर्ज चुका सकते हैं यह तो झूठ भी हो सकता है ना। इसीलिए हम कर्ज नहीं चुका सकते।

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उसके बाद उस मरे हुए आदमी के भाइयों पे बात आई तो भाइयों ने कहा कि जब बेटे कर्ज चुकाने से साफ मना कर रहे है  तो हम कैसे दे सकते हैं।

हंगामा काफी देर तक चलता रहा अर्थी दरवाजे पर है उस आदमी ने अर्थी को रोक रखा है और बहस चल रही है की पहले कर्ज चुकाऊ तब जा कर अर्थी को उठा ने दूंगा।

उसके बाद बात बेटी तक पहुंची जैसे ही बेटी को यह बात पता चला तुरंत बाहर आई और जो गहने उसने पहनी रखी थी उसे तुरंत उतार कर उस आदमी के हाथ में रख दी और बोला कि मेरे पास कुछ पैसे है वह भी आपको दे दूंगी और कुछ गहने है वह भी दे दूंगी और मुझे कुछ समय दीजिए में आप का पूरा कर्ज जरूर चुका दूंगी क्योंकि मैं इनकी बेटी हूं।

बस आप मेरे पिताजी की अर्थी को मत रोकिए जाने दीजिए पहले से ही काफी देर हो चुकी है। बेटी की यह बात सुनकर वह आदमी मुस्कुराया और बोला मुझे इनका असली बारिश मिल गया।

उसके बाद वह कहता है ये शख्स हमेशा यह सोच कर परेशान रहते थे कि मेरा असली वारिस कौन होना चाहिए और उनका ही यह सुझाव था कि मैं इस तरह से इनके वारिस का चुनाव करूं और आज मुझे इनका असली वारिस मिल गया।

दोस्तों इस छोटी सी कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हम सब लोग सामने वालों से बहुत कुछ एस्पेक्ट करते हैं। इनके हर चीज पर अपना अधिकार समझते हैं लेकिन जब कर्तव्यों का बारी आती है तो पीछे हट जाते है। दोस्तों एक बार ध्यान रखिए जो कर्तव्य निभाता है अधिकार केवल उसी का ही होता है।

दोस्तों आपको हमारी यह मोटिवेशनल स्टोरी कैसी लगी हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताना और आगे भी ऐसे ही कहानी सबसे पहले पढ़ने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक कर सकते हो। फिर मिलेंगे एक नई कहानी के साथ तब तक के लिए नमस्कार।

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2-अगर भगवान पर भरोसा नहीं है तो इस मोटिवेशनल स्टोरी को एक बार पढ़िए
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