Breaking News

पुलिस FIR दर्ज करने से इंकार करें तो करें ये काम, तुरंत दर्ज होगी FIR और होगी कार्यवाही


नमस्कार दोस्तों, आप सबको पता होगा भारत में अपराधिक गतिविधियां हर रोज बढ़ते जा रहे हैं और आए दिन खबर सुनने और पढ़ने को मिलती है कि पुलिस ने FIR दर्ज कराने से इंकार कर दिया।अक्सर देखने को मिलता है कि देश के आम लोगों को FIR दर्ज करवाने अधिकारों के बारे में अच्छे से पता नहीं होता है।इसीलिए वह FIR दर्ज कराने से घबराते हैं।

किसी के साथ अपराध हो और और FIR दर्ज ना करा सके तो यह हमारे देश के संविधान के खिलाफ है। एफआईआर दर्ज करवाना एक मौलिक अधिकार होता है। इसीलिए हम आपको आज बताने वाले हैं यदि आप कभी भी FIR दर्ज करवाने गए और पुलिस ने FIR दर्ज करने से इंकार कर दिया तो उसके बाद आपको क्या करनी चाहिए।

हमारी सलाह यह होगी कि आप जान ले पुलिस FIR दर्ज करने से क्यों इंकार कर रही है।भारतीय कानून के अनुसार अलग-अलग तरह के अपराधों को 2 तरीकों से बांटा गया है।पहला है संगेय अपराध और दूसरा गैर संगेय।लेकिन गैर संगेय अपराधों के मामले में पुलिस अधिकारी को मजिस्ट्रेट द्वारा निर्देशित किया जाता है कि वह विशेष कार्यवाही करें।

आपको बता दें बलात्कार,दंगा,लूट,डकैती और हत्या जैसे अपराध संगेय अपराध के अंतर्गत आते हैं। लेकिन गैर संज्ञेय अपराध में जालसाजी सार्वजनिक उपद्रव और धोखाधड़ी शामिल है। आपको याद रखना है गैर संज्ञेय अपराध में पुलिस के पास बिना वारंट किसी को गिरफ्तार करने की अधिकार नहीं है।

पुलिस FIR दर्ज ना करे तो हमें क्या करना चाहिए।आपको बता दें अगर पुलिस अधिकारी आपके FIR लिखने से इंकार कर रहे हैं तो आप को वरिष्ठ अधिकारी के पास जाकर लिखित शिकायत दर्ज करवाना चाहिए।इसके बाद भी FIR दर्ज ना होता है तो आप मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हो।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के पास यह अधिकार है कि वह FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को आदेश दे सके। सुप्रीम कोर्ट ने FIR दर्ज ना करने वाले पुलिस ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई करने की आदेश भी दिए हैं।दरअसल पुलिस को FIR दर्ज करने के एक सप्ताह के अंदर जांच शुरू करनी चाहिए।इसीलिए मामला दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती है की शिकायत की सच्चाई पर उन्हें संदेह है।

No comments